khabaruttrakhand
आकस्मिक समाचारउत्तरकाशीदिन की कहानीप्रभावशाली व्यतिविशेष कवरस्टोरी

यहां भारत–पाक युद्ध की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विजय दिवस पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले शहीद सैनिकों को अर्पित की गई श्रद्धांजलि।

विजय दिवस
सुभाष बडोनी उत्तरकाशी
जिले में भारत–पाक युद्ध की 53वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित विजय दिवस पर अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

विजय दिवस पर जिला मुख्यालय स्थित शौर्य स्थल ज्ञानसू में आयोजित मुख्य समारोह में पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल, मुख्य विकास अधिकारी सुंदर लाल सेमवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस.रावत,जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (अ.प्रा.) जयेश बडोला, 14 वीं राजस्थान राईफल के मेजर कमलेश वर्मा सहित अन्य अधिकारियों व गणमान्य नागरिकों ने भारत–पाक युद्ध के शहीद गार्डसमैन सुंदर सिंह के चित्र पर पुष्प चक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

इस मौके पर राजस्थान राईफल, आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस तथा एनसीसी की टुकड़ियों शहीदों के सम्मान में द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया।
वहीं समारोह में भारत–पाक युद्ध शहीद गार्डसमैन सुंदर सिंह की धर्मपत्नी वीरनारी श्रीमती अमरा देवी को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.सेमवाल ने कहा कि हमारे वीर सैनिकों के पराक्रम और बलिदान के कारण हमारे देश की सीमाएं सुरक्षित बनी हुई हैं।

देश हमेशा से इन जांबाज योद्धाओं का ऋणी रहेगा।

समारोह में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल (अ.प्रा.) जयेश बडोला ने 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारतीय सेना द्वारा प्रदर्शित अद्वितीय पराक्रम के बारे में जानकारी दी।

इस मौके पर विश्वनाथ पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह नेगी,उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस.पांगती,उप जिला सैनिक कल्याण अधिकारी सूबेदार महावीर सिंह राणा सहित आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधीर जोशी ने किया।

विजय दिवस के उपलक्ष्य में जिले भर में आयोजित कार्यक्रमों में भारत–पाक युद्ध के शहीदों को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

इस अवसर पर सभी माध्यमिक विद्यालयों में देशभक्ति गीत, नाटक, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ ही अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

Related posts

वनो को आग से बचाने एवं कृषि मे जैविक खाद का उपयोग , प्लास्टिक का उपयोग बंद करने के लिए ठोस कदम उठाने होगें, तभी सार्थक होगा पर्यावरण दिवस का महत्व।चंद्रशेखर जोशी ।

khabaruttrakhand

टिहरी डायट को श्रेष्ठ डायट बनाने हेतु एन.सी.ई.आर.टी. निदेशक एवं डीएम टिहरी ने किया साइट विजिट।

khabaruttrakhand

कर्मचारियों को नियमित न करने का रह गया मलाल 28 वर्ष की सेवा करने के बाद कर्मचारी नेता कंचन चंदोला हुए सेवानिवृत्त। तमाम कर्मचारियों ने दी भावभीनी विदाई।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights