स्थान। नैनीताल।
लोक सभा अध्यक्ष नैनीताल की हसीन वादियों में।
रिपोर्ट। ललित जोशी।
नैनीताल। सरोवर नगरी की हसीन वादियों में लोक सभा अध्यक्ष ओम विरला का पहुँचने पर नैनीताल सांसद अजय भट्ट ने उनका स्वागत व अभिनन्दन किया ।
इस मौके पर लोक सभा अध्यक्ष ओम विरला ने तमाम भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ साथ वन पंचायतों से जुड़े व स्थानीय लोगों से मुलाकात की।
ओम विरला एटीआई में आयोजित वन पंचायत संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया जिसमें ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों की तमाम समस्याओं से अवगत कराया।
जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में बाघ, गुलदार, और जंगली जानवरों के खतरे को गम्भीर मुद्दा बताया।
इस दौरान पहाड़ की जमीनी समस्याओं – विशेषकर मानव-वन्यजीव संघर्ष, जंगलों में बढ़ती आग और ग्रामीणों के अधिकारों को प्रमुखता से उनके सामने रखा गया। नैनीताल पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का पारंपरिक पहाड़ी अंदाज में स्वागत किया।
इसके बाद एटीआई सभागार में आयोजित वन पंचायत संवाद कार्यक्रम में विभिन्न वन पंचायत प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और समस्याएं साझा कीं।
बैठक में ग्रामीणों ने पहाड़ी क्षेत्रों में बाघ, गुलदार और अन्य जंगली जानवरों के बढ़ते खतरे को गंभीर मुद्दा बताया।
प्रतिनिधियों ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष लगातार बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा और आजीविका दोनों प्रभावित हो रही हैं।
इसके साथ ही जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि वन विभाग द्वारा ग्रामीणों की पारंपरिक भागीदारी और हक-हकूक सीमित किए जाने से वन संरक्षण व्यवस्था कमजोर हुई है।
यदि स्थानीय समुदायों को अधिक अधिकार और सहभागिता दी जाए तो जंगलों की आग पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने वन पंचायतों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय भागीदारी से न केवल वन संरक्षण मजबूत हो रहा है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
वही उन्होंने कहा कि भारत की वन पंचायत व्यवस्था वैश्विक स्तर पर एक आदर्श मॉडल बन सकते।
वहीं उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहाड़ी क्षेत्रों की औषधीय वनस्पतियों की विश्वभर में मांग है और केंद्र सरकार इनके वैल्यू एडिशन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में वन संरक्षण, ग्रामीण विकास और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए, जिन पर भविष्य में नीतिगत स्तर पर विचार किए जाने कीउम्मीद जताई गई।
