khabaruttrakhand
आकस्मिक समाचारउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदिन की कहानीप्रभावशाली व्यतिराष्ट्रीयविशेष कवरस्टोरी

प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है हरेला पर्व: सुबोध उनियाल* *हरेला पर्व पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया पीटीसी नरेंद्र नगर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण।

*प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है हरेला पर्व: सुबोध उनियाल*

*हरेला पर्व पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने किया पीटीसी नरेंद्र नगर में रुद्राक्ष के पौधे का रोपण*

उत्तराखण्ड के लोकपर्व “हरेला” के शुभ अवसर पर वन प्रशिक्षण केंद्र, नरेंद्र नगर में एक भव्य वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड सरकार के माननीय वन, विधायी एवं संसदीय कार्य, निर्वाचन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर पिरूल एकत्रीकरण हेतू विभिन्न सहायता समूहों को 22 लाख रुपए धनराशि के चेक वितरित किए गए।

इस अवसर पर वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि हरेला उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। यह पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं हरित पर्यावरण सुनिश्चित करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को “हरित प्रदेश” के रूप में स्थापित करने में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है तथा राज्य सरकार वन संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वन मंत्री ने कहा कि रुद्राक्ष का वृक्ष धार्मिक, आध्यात्मिक एवं औषधीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भगवान शिव से जुड़े होने के कारण रुद्राक्ष उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान का भी अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन का दायित्व भी निभाना चाहिए। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने एवं उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा हरेला पर्व के अवसर पर व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जन-जन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना तथा जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। वृक्ष न केवल जैव विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि जल संरक्षण, मृदा संरक्षण तथा स्वच्छ वायु उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हरेला पर्व उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतीक है तथा यह समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश देता है। पीटीसी नरेंद्र नगर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षों के संरक्षण की शपथ ली।

कार्यक्रम में दीक्षा राणा ब्लॉक प्रमुख, राजेंद्र विक्रम पाँवर,अध्यक्ष नगर पालिका नरेंद्रनगर, सीडीओ वरुणा अग्रवाल, एसडीएम आशीष घिल्डियाल, किशोर नौटियाल एसडीओ फारेस्ट, अनिल पैन्युली एसडीओ फारेस्ट तथा विभिन्न विभाग के कर्मचारियों द्वारा परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर वन विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, स्थानीय नागरिकों एवं प्रशिक्षुओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” एवं “हरेला-हरित उत्तराखण्ड” के संकल्प के साथ किया

Related posts

Lok Sabha Election 2024: हरिद्वार और नैनीताल को लेकर फंसी Congress, हाई पावर कमेटी के पाले में गेंद

cradmin

यहाँ मुख्यमंत्री द्वारा नशा मुक्त उत्तराखण्ड़ के लिए नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने के निर्णय पर अधिकारियों द्वारा किया गया निरीक्षण।

khabaruttrakhand

ब्रेकिंग:-नरेन्द्रनगर कोषागार के लेखाकार को उत्तरांचल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली का बार-बार उल्लंघन करने के आरोप में हटाया गया सेवा से।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights