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सुरक्षित मातृत्व दिवस 2024 के मौके पर एम्स,ऋषिकेश में आयोजित किए गए विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रम।

सुरक्षित मातृत्व दिवस 2024 के मौके पर एम्स,ऋषिकेश में विभिन्न जनजागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस अवसर पर अस्पताल के ओपीडी एरिया में बी.एस.सी नर्सिंग इंटर्न्स व ओ.बी.जी स्पेशलिटी की एम.एस.सी. नर्सिंग छात्राओं द्वारा नुक्कड़ नाटक व प्रदर्शनी के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व के लिए ध्यान में रखी जाने वाली जानकारियां दी गई।

सोमवार को सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर एम्स अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के ओपीडी एरिया में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व के विषय में महत्वपूर्ण बातें साझा की गई।

आयोजित कार्यक्रम का संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह व डीन (अकादमिक) प्रो. जया चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से शुभारंभ किया।
निदेशक एम्स ने कहा कि प्रत्येक मां को नियमित तौर पर अस्पताल आकर जांच व जरुरी उपचार अवश्य कराना चाहिए।
वहीं उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना के तहत पौष्टिक आहार भी प्राप्त करना चाहिए।

संकायाध्यक्ष अकादमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी व डिलीवरी के दौरान की दिक्कतों की शीघ्र पहचान व समाधान के लिए सही समय अस्पताल आना चाहिए और अपने चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतनी चाहिए, ताकि मां व बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित रहें। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव मित्तल ने बताया कि मां व बच्चे के स्वास्थ्य के मद्देनजर जो भूमिका अस्पताल व चिकित्सक की होती है, उसी के समान गर्भवती महिला के परिवारजनों की भी समान जिम्मेदारी होती है, लिहाजा उनका भी जच्चा-बच्चा की सुरक्षा के लिए जागरुक रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम के माध्यम से बताया गया कि गर्भ धारण करने के निर्धारित समय से ही महिलाओं को अपना नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराना प्रारंभ कर देना चाहिए, साथ ही गर्भकाल व प्रसव तक समय-समय पर अपने चिकित्सक से नियमित जाँचे करानी चाहिए।
इस दौरान पेश आने वाली दिक्कतों की समय से पहचान व उपचार अवश्य कराना चाहिए। कार्यक्रम में उन्हें सुरक्षित डिलीवरी व परिवार नियोजन के स्थायी तरीक़ो के लिए राज्य सरकार के विभिन्न श्रेणी पीएचसी, सीएचसी आदि में मिलने वाली प्रोत्साहन राशि योजनाओं से भी अवगत कराया गया।
इस अवसर पर महिलाओं को मॉडल प्रदर्शनी व नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी सुरक्षित मातृत्व को लेकर जागरुक किया गया। कार्यक्रम में एम्स के नर्सिंग महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. स्मृति अरोड़ा, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रसूना जेल्ली, डॉ. मलार कोडी, डॉ. राजराजेश्वरी, डॉ. राकेश शर्मा, डॉ. रूपिंदर देओल, डॉ. राजेश कुमार,
डीएनएस: कैप्टन कल्पना बेनीवाल एवं पुष्पारानी, नर्सिंग ट्यूटर्स: टी. कनक लक्ष्मी, रक्षा यादव, दीपिका चौहान आदि मौजूद थे।

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