जिला प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
रिपोर्ट। ललित जोशी।
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में कैबिनेट व जनपद की प्रभारी मंत्री श्रीमती रेखा आर्या नेबआपदा के दौरान जो नुकसान हुआ है उसका निरीक्षण कर अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक ली।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा मानसून सत्र् में कब, कहॉ किस प्रकार की आपदा आ सकती है जिसमें जनहानि, जानमाल का खतरे की सम्भावना बनी रहती है, वहीं इसके दृष्टिगत उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिये।
उन्होंने जनपद क्षेत्र के अन्तर्गत आपदा के कार्यो में तत्पर्यता की प्रसन्नता करते हुए कहा कि अधिकारी इससे भी अधिक बेहतर ढंग से क्षेत्र की आमजनता से समन्वय बनाते हुए लोंगो की जनभावनाओं के अलावा जनप्रतिनिधियों के अनुरूप कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा ।
आपदा से निपटने के लिए सरकार के पास बजट की कोई कमी नहीं है, उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि जो भी निर्देश निरीक्षण एवं बैठक के दौरान दिये गये हैं उन कार्यों को शीघ्र, अतिशीघ्र प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पूर्ण करना सुनिश्चित करें।
वहीं समीक्षा बैठक के दौरान. मंत्री ने एनएच के अधिकारी को बैठक में समय पर न आने पर फटकार लगाते हुए नाराजगी व्यक्त की व सम्बन्धित अधिकारी को शासकीय कार्य प्रणाली में सुधार लाने के निर्देश देते हुए रामनगर के अन्तर्गत पीरूमदारा भरतपुर पम्पापुरी आपदा क्षेत्र की जानकारी लेते हुए तत्काल नालों की सफाई व अन्य कार्यो को प्राथमिकताओं के आधार पर पूर्ण करते हुए विडियो एवं फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
इसकेबसाथ ही हली गॉव के समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को संयुक्त रूप से निरीक्षण, ज्योलीजी की रिर्पोट के अलावा ग्रामीण लोगांे की जनभावनाओं के अनुरूप प्लान एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। आपदा से प्रभावित हैड़ाखान मोटर मार्ग के सम्बन्ध में मा. मंत्री ने सम्बन्धित अधिकारी को कार्यो में तेजी लाने व वैकल्पिक मार्ग हेतु निरीक्षण करते हुए शासन को रिर्पोट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
समीक्षा के दौरान रेखा आर्या ने ग्राम हरि में आपदा प्रभावित क्षेत्र का लोनिवि को संयुक्त रूप से निरीक्षण, स्थानीय लोंगो से वार्तालाप करते हुए रिर्पोट उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।
समीक्षा बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार जोशी ने जनपद में मानसून सत्र् के दृष्टिगत राहत एवं बचाव से सम्बन्धित तैयारियों की मा. मंत्री को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक तहसील एवं मुख्यालय स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं जो 24×7 की तर्ज पर खुले रहते हैं। जिनमें आपदा से सम्बन्धित घटनाओं की रिर्पोट तत्काल उपलब्ध होने पर सम्बन्धित अधिकारी तत्काल 24 से 72 घण्टे के अन्तर्गत मुवाअजा राशि आवंटित एवं अन्य राहत कार्य किये जाते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि सभी विभागों से आपदा से प्रभावित क्षेत्रों के प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये ताकि प्रभावित क्षेत्रों को प्राथमिकताओं के आधार पर आपदा के कार्यों, बचाव एवं मुवाअजा आदि की धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
इसके अलावा जनपद में आपदा की दृष्टि से 42 हैलीपैड, दूरस्थ क्षेत्रों में तीन माह को अतिरिक्त खाद्यान समाग्री एवं राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ, पुलिस बल पीआरडी, होमगार्ड व अन्य विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, क्षेत्रीय विधायक श्रीमती सरिता आर्या, रामसिंह कैड़ा, दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, डीएफओ चन्द्रशेखर जोशी, अपर जिलाधिकारी शिवचरण द्विवेदी, मुख्य शिक्षा अधिकारी एसके रावत, मुख्य चिकित्साधिकारी भागीरथी जोशी, जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी शैलेश कुमार के अलावा जलसंस्थान, जलनिगम, विद्युत, समाज कल्याण, बालविकास, लोनिवि, एनएच, एनएचआई, खनन, नलकूप, पूर्ति, सिंचाई, फायर, एआरटीओ के अलावा सम्बन्धि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।