khabaruttrakhand
आकस्मिक समाचारउत्तरकाशीउत्तराखंडटिहरी गढ़वालदिन की कहानीदुनियाभर की खबरेदेहरादूनराजनीतिकराष्ट्रीयविदेश ब्रेकिंगविशेष कवरस्टोरीस्वास्थ्य

ब्रेकिंग :-गर्भाशय ग्रीवा और एच. पी.वी से सम्बंधित जननांग कैंसर के वैश्विक उन्मूलन के उद्देश्य से आयोजित ’एओजिन-इंडिया’ के 12वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को एम्स ऋषिकेश में आगाज;जाने इस खबर में अधिक।

ऐम्स ऋषिकेष:-
गर्भाशय ग्रीवा और एच. पी.वी से सम्बंधित जननांग कैंसर के वैश्विक उन्मूलन के उद्देश्य से आयोजित ’एओजिन-इंडिया’ के 12वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को एम्स ऋषिकेश में आगाज हो गया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आह्वान पर आयोजित दो दिवसीय इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के चिकित्सा विशेषज्ञ, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के कई प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं।

Advertisement

इन दो दिनोें में विश्वभर के चिकित्सा विशेषज्ञ, महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के निदान के लिए अपने अनुभव, ज्ञान और व्यवहारिक विचारों को साझा करेंगे।

Advertisement

शनिवार को एम्स संस्थान के ऑडिटोरियम में ’’एशिया ओसिएनिया ऑर्गेनाइजेशन ऑन जेनिटल इन्फेक्शन्स एण्ड नियोप्लेजिया’’ ( ए.ओ.जी.आई.एन. ) सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि और अन्तर्राष्ट्रीय एजेंसी में कैंसर स्क्रीनिंग समूह के पूर्व प्रमुख व वर्तमान में सेलुलर व आणविक जीव विज्ञान केन्द्र हैदराबाद के हेड डाॅ. आर. संकरनारायणन ने कहा कि बढ़ती आबादी के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में हमारे देश ने हमेशा नये आयामों को हासिल किया है।

इसी का परिणाम है कि हम पहले देश में कैंसर पर नियंन्त्रण करने की दिशा में कार्य रहे थे लेकिन अब हम कैंसर के उन्मूलन की ओर अग्रसर हैं।

Advertisement

सम्मेलन की विशिष्ट अतिथि और एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो0 मीनू सिंह ने सर्वाइकल कैंसर के निदान हेतु यूनिवर्सल एचपीवी टीकाकरण नीति बनाए जाने की आवश्यकता बतायी। इस टीकाकरण से पुरुषों में भी जननांग और ऑरोफरिंजियल कैंसर का खतरा कम हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि कैंसर से ग्रसित रोगी का इलाज करते वक्त रोगी से विचार-विमर्श करना भी जरूरी है इससे वह भावनात्मक सुरक्षा महसूस करता है।

Advertisement

एम्स ऋषिकेश में सर्वाइल कैंसर से पीड़ित महिलाओं के लिए इलाज के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि एम्स में इसके लिए इंटिग्रेटेड वुमेन कैंसर विभाग विशेष तौर से संचालित किया जा रहा है।

डीन एकेडेमिक और कार्यक्रम की चीफ एडवाईजर प्रो. जया चतुर्वेदी ने इस सम्मेलन को क्लीनिकल और रिसर्च के क्षेत्र में कार्य कर रहे विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच बताया।

Advertisement

उन्होंने उम्मीद जतायी कि इस कार्यक्रम से सर्वाइकल कैंसर के उपचार और निदान हेतु एक नई दिशा तय हो सकेगी। साथ ही प्रतिभागी विशेषज्ञों को अपने अनुभव साझा करने का अवसर प्राप्त होगा।

सम्मेलन की ऑर्गेनाईजिंग चेयरपर्सन और एम्स की गायनेकोलोजिक ऑन्कोलोजिस्ट प्रो. (डा.) शालिनी राजाराम ने कहा कि एक दशक से भी अधिक समय से शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से ऑन्कोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, वायरोलॉजिस्ट, प्राथमिक स्वास्थ्य चिकित्सक, सार्वजनिक क्षेत्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक इस दिशा में एक साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सम्मेलन द्वारा बहुआयामी दृष्टिकोण के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के वैश्विक उन्मूलन के लिए एक नई दिशा मिलेगी।

Advertisement

उन्होंने कहा कि यह सेमिनार अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और तकनीकों के माध्यम से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के रोकथाम, निदान और इसके उपचार के सभी तौर-तरीकों पर ध्यान केंद्रित करेगा।

उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण की हालिया रणनीतियों, एकल खुराक वैक्सीन की सिफारिश के पीछे का विज्ञान, एचपीवी टीकाकरण पर प्रभावकारिता, इस सम्बन्ध में विभिन्न देशों की सांख्यकीय रिपोर्टों, भारतीय वैक्सीन के नैदानिक परीक्षण और इम्यूनोजेनेसिटी व टीकाकरण के कार्यान्वयन आदि विषय पर व्यापक चर्चा की जा रही है।

Advertisement

साथ ही इस सम्मेलन में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम और कार्सिनोजेनेसिस, अग्रणी एचपीवी डायग्नोस्टिक्स, एचपीवी स्व-नमूना उपकरण और व्यवहार में एचपीवी परीक्षण की कार्यान्वयन रणनीतियों पर भी चर्चा की जायेगी।

उद्घाटन समारोह को ’एओजिन इंडिया’ की अध्यक्ष डाॅ. रूपिन्दर शैखोंन, सचिव डाॅ. लथा बालासुब्रमणी, संस्थापक अध्यक्ष और एम्स दिल्ली गायनी विभाग की हेड प्रो. नीरजा भाटला आदि ने भी संबोधित किया।

Advertisement

अलग-अलग चरणों में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन के पहले दिन निचले जननांग पथ के कैंसर के लिए बुनियादी और उन्नत सर्जिकल तकनीकों पर लाइव सर्जिकल वीडियो कार्यशाला, गर्भाशय ग्रीवा के पूर्व-आक्रामक रोग का निदान और उपचार और एचपीवी डायग्नोस्टिक्स कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।

साथ ही सुपरस्पेशलिटी प्रशिक्षुओं के लिए टेलीमेडिसिन, ऑन्कोफर्टिलिटी और उन्नत सर्जिकल कौशल कार्यशाला भी आयोजित की गयी।

Advertisement

सम्मेलन में 500 से अधिक चिकित्सा विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं।

इनमें भारत सहित दक्षिण अफ्रीका, यूनाइटेड किंग्डम, बांग्लादेश, आस्ट्रेलिया, थाईलैण्ड और फ्रांन्स आदि अन्तर्राष्ट्रीय फेकल्टी शामिल हैं।

Advertisement

इस मौके पर ’’जनरल ऑफ काॅलपोस्काॅपी एण्ड लोवर जेनिटल ट्रैक्ट पैथोलाॅजी’’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा अधीक्षक प्रो0 संजीव कुमार मित्तल, सम्मेलन की साईंटिफिक चेयरपर्सन प्रो. अनुपमा बहादुर, रेडियोथेरेपी विभाग के हेड प्रो. मनोज गुप्ता, गायनी विभाग की डाॅ. लतिका चावला, डाॅ. रूबी गुप्ता, डाॅ. अमृता गौरव, डाॅ. कविता खोईवाल, डाॅ. राजलक्ष्मी मुन्ध्रा, डाॅ. ओम कुमारी, डाॅ. पूनम गिल सहित संस्थान के कई फेकल्टी सदस्य, अधिकारीगण व अन्य मौजूद रहे।

Advertisement

Related posts

ब्रेकिंग:-महिलाओं को घसियारी कल्याण योजना से लाभान्वित के बारे में मुख्य विकास अधिकारी ने दी जानकारी।

khabaruttrakhand

ब्रेकिंग:पुलिस जवान ने पेश की ईमानदारी एवं कर्तव्यपरायणता की एक और मिशाल, यात्रियों के खोये पर्स व नगदी लौटायी।

khabaruttrakhand

ब्रेकिंग:-नैनीताल हल्द्वानी मार्ग ज्योलीकोट के पास सड़क पर गिरा पेड़ मार्ग हुआ अवरुद्ध।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights