khabaruttrakhand
Delhi NCR

‘फरिश्ते Delhi के’ योजना: Delhi सरकार को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, कहा- गुमराह किया तो लगाएंगे भारी जुर्माना

'फरिश्ते Delhi के' योजना: Delhi सरकार को सुप्रीम कोर्ट की चेतावनी, कहा- गुमराह किया तो लगाएंगे भारी जुर्माना

‘फरिश्ते Delhi के’ योजना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने Delhi सरकार को चेतावनी दी कि यदि उसने कोर्ट को गुमराह किया, तो भारी जुर्माना लगाया जाएगा, जो मिसाल बनेगा। दरअसल, राज्य सरकार ने LG कार्यालय पर योजना के लिए फंड जारी करने में बाधा डालने का आरोप लगाया है। जवाब में LG कार्यालय ने कहा, उपराज्यपाल को बेवजह घसीटा गया है, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। योजना पर निर्णय सरकार के स्वास्थ्य मंत्री की सोसाइटी करती है।

जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने शुक्रवार को उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना के कार्यालय को आम आदमी पार्टी सरकार की याचिका पर दो हफ्ते में हलफनामा दायर करने को कहा। पीठ का निर्देश LG का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील संजय जैन के यह कहने के बाद आया कि LG कार्यालय इस मामले में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा, यह ऐसा मामला नहीं है, जहां मंत्रिपरिषद और LG के बीच कोई मुद्दा हो। योजना Delhi के स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता वाली सोसाइटी चलाती है। स्वास्थ्य मंत्री के नेतृत्व में दो जनवरी को बैठक हुई और इसमें फंड रिलीज करने का फैसला किया जा चुका है। इस पर पीठ ने कहा, इस आशय का हलफनामा दाखिल करें। यदि आपकी बात सही पाई जाती है कि मंत्री ने हमें गुमराह किया है, तो हम भारी जुर्माना लगाएंगे।

हर मसले को प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं : पीठ

सुनवाई शुरू होते ही पीठ को सूचित किया गया कि LG ने याचिका पर अपना जवाब दाखिल नहीं किया है। इस पर पीठ ने कहा, LG से कहें कि हर मसले को प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाएं। इस पर LG के वकील जैन ने कहा, यह याचिका ‘चाय के प्याले में तूफान’ का उत्कृष्ट मामला है, क्योंकि इसमें बिना किसी बात को लेकर बहुत हलचल है।

यह है योजना

फरिश्ते Delhi के…योजना के तहत कोई भी शख्स अगर सड़क हादसे में घायल होता है, तो उसे निजी अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलती है। इसका पूरा खर्चा सरकार उठाती है। Delhi सरकार ने इसे 2018 में शुरू किया था। हालांकि यह फंड की कमी से बंद हो गई थी। AAP सरकार ने आरोप लगाया था, LG कार्यालय फंड रिलीज नहीं कर रहा। इतना ही नहीं, AAP ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर योजना फिर शुरू कराने की मांग की थी। सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब तलब किया था।

Related posts

जिलाधिकारी ने यहां जनता मिलन कार्यक्रम में दर्ज शिकायतों/अनुरोध पत्रों के माध्यम लोगों की समस्याओं को सुना, इस मौके पर 32 शिकायतें/अनुरोध पत्र दर्ज किये गये, जो सिंचाई, राजस्व, जल संस्थान, जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, पुनर्वास, पर्यटन आदि विभागों से संबंधित रही।

khabaruttrakhand

धूमधाम से मनाया गया रवांई घाटी का राजकीय देवलंग पर्व जलाई गई सबसे लंबी मशाल।

khabaruttrakhand

वक्फ बोर्ड भर्ती मामले में ED की चार्जशीट, Amanatullah Khan और तीन सहयोगियों के खिलाफ मुश्किलें बढ़ सकती

cradmin

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights