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बद्रीनाथ धाम में सुरक्षाकर्मियों की ईमानदारी और मानवता: नकदी से भरा गुम हुआ पर्स लौटाया, बिछड़े बच्चे को परिजनों से मिलाया।

बद्रीनाथ धाम में सुरक्षाकर्मियों की ईमानदारी और मानवता: नकदी से भरा गुम हुआ पर्स लौटाया, बिछड़े बच्चे को परिजनों से मिलाया।

बद्रीनाथ मंदिर परिसर में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच, चमोली पुलिस के जवान ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है। जब दो अलग-अलग घटनाओं में जवानों की तत्परता और संवेदनशीलता ने जरूरतमंद श्रद्धालुओं को राहत पहुंचायी।

₹20,000 से भरा पर्स सकुशल लौटाया

पहली घटना छत्तीसगढ़ से बद्रीनाथ धाम आयी महिला श्रद्धालु श्रीमती पुष्पा से जुड़ी है। मंदिर परिसर में दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में उनका पर्स गुम हो गया था। इस पर्स में ₹20,000 की नकदी और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। सौभाग्य से, यह पर्स ड्यटी पर तैनात होमगार्ड योगेंद्र को मिला। योगेंद्र ने पर्स और उसमें रखी नकदी को देखते हुए जरा भी लालच न कर, तत्काल पर्स स्वामी की तलाश शुरू कर दी, काफी तलाश के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और अंततः उनके द्वारा पर्स स्वामी श्रीमती पुष्पा को ढूंढ लिया। होमगार्ड के जवान ने ईमानदारी के साथ नकदी से भरे पर्स को सकुशल महिला श्रद्धालु के सुपुर्द किया।

बिछड़े 08 वर्षीय आर्य को परिजनों से मिलाया

राजस्थान से आया 08 वर्षीय आर्य बद्रीनाथ मंदिर परिसर में अपने परिजनों से बिछड़ गया। भीड़भाड़ वाले माहौल में अचानक खुद को अकेला पाकर वह घबरा कर रोने लगा।

इसी दौरान ड्यूटी पर HCP गोविंद शर्मा और आईटीबीपी के हेड कांस्टेबल संजीव कुमार की नज़र रोते हुए बच्चे पर पड़ी। उन्होंने आर्य के पास जाकर उसे सांत्वना दी और उससे बिछड़ने के बारे में जानकारी लेते हुए वे आर्य को लेकर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और उसके परिजनों की तलाश शुरू की।
सुरक्षाकर्मियों के अथक प्रयास, अनाउंसमेंट और खोजबीन के बाद, पुलिस ने आर्य के परिजनों का पता लगाकर उसे सकुशल उनके हवाले कर दिया।
अपने बिछड़े बालक को सकुशल पाकर परिजनों के चेहरे पर आई खुशी और उन्होंने पुलिसकर्मियों का हृदय से धन्यवाद किया।

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