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एम्स, ऋषिकेश में हिंदी के प्रगामी प्रयोग (उत्तरोत्तर विकास) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन।

एम्स, ऋषिकेश में हिंदी के प्रगामी प्रयोग (उत्तरोत्तर विकास) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राजकीय कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया गया।

राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुपालन में आयोजित कार्यशाला में संस्थान के कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
हिंदी के विकास व सतत प्रयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एम्स, ऋषिकेश में हिंदी कार्यशाला तथा हिंदी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान की निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, प्रभारी अधिकारी (राजभाषा) एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी श्री मुकेश पाल, कार्यशाला में अतिथि वक्ता डॉ. नरेन्द्र कुमार जगूड़ी, सहायक समन्वयक, उत्तराखण्ड मुक्त विद्यालय एवं सेवानिवृत्त हिंदी अधिकारी, भारतीय खाद्य निगम श्री वीरेंद्र सिंह राणा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अतिथि वक्ता डॉ. नरेंद्र कुमार जगूड़ी ने कार्यशाला प्रतिभागियों को बताया कि हिंदी हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है तथा कार्यालयी कार्यों में हिंदी को बढ़ाने एवं उनसे निपटने वाली चुनौतियों का समाधान कैसे किया जा सकता है। अतिथि वक्ता श्री वीरेन्द्र सिंह राणा ने हिंदी की स्वीकार्यता को बढ़ाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर संस्थान के उप निदेशक (प्रशासन) ले. कर्नल गोपाल मेहरा ने मातृभाषा की उत्तरोत्तर श्रीवृद्धि के लिए इसे आचार व्यवहार के साथ साथ कार्यालयी कार्यों में अधिकाधिक उपयोग में लाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि अपने कार्यों में सततरूप से हिंदी के इस्तेमाल से ही भाषायी सर्वांगीण विकास हो सकता है, लिहाजा इस तरह के आयोजन महज औपचारिक नहीं होने चाहिंए।
आयोजन में हिन्दी सेल में कार्यरत वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी शशि यादव, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी नीरज कुमार वर्मा, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी सुश्री स्वाति कैंतुरा, कार्यालय परिचारक मंजीत ने कार्यशाला के आयोजन में अहम भूमिका निभाई। राजभाषा पर आधारित प्रगामी प्रयोग और प्रसार को लेकर आयोजित हिंदी कार्यशाला एम्स, ऋषिकेश के कार्मिकों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध हुई।
कार्यशाला सत्र के समापन पर सम्मानित अतिथियों ने संस्थान की ओर से सभी क्विज विजेताओं को पुरस्कृत किया।

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