khabaruttrakhand
आकस्मिक समाचारउत्तराखंडदिन की कहानीविशेष कवरस्वास्थ्य

मरीजों को ओपीडी पंजीकरण की लाइनों से राहत दिला रही ‘आभा’ आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (Ayushman Bharat Health Account) से मिल रही सुविधा।

मरीजों को ओपीडी पंजीकरण की लाइनों से राहत दिला रही ‘आभा’
आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (Ayushman Bharat Health Account) से मिल रही सुविधा
डिजिटलीकरण से एम्स ऋषिकेश में पर्चा बनवाना हुआ आसान।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लागू आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट आभा (ABHA) क्यूआर कोड आधारित स्कैन एंड शेयर प्रणाली एम्स, ऋषिकेश में मरीजों के लिए बड़ी सुविधा बनकर उभरी है। लिहाजा मरीजों को अब ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ता।
करीब साढ़े तीन वर्ष पहले लागू हुई इस सुविधा से एम्स,ऋषिकेश में अब तक 9 लाख से अधिक मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। गौरतलब है कि एम्स में बढ़ते मरीजों की संख्या के मद्देनजर यह व्यवस्था 26 नवंबर- 2022 से शुरू की गई थी, जिससे ऋषिकेश एम्स उत्तराखंड का पहला ऐसा सरकारी चिकित्सा संस्थान बना, जहां ओपीडी पंजीकरण के लिए यह डिजिटल प्रणाली लागू की गई।
योजना के तहत अब तक 2,633 हेल्थ प्रोफेशनल्स का पंजीकरण और 8.44 लाख से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप से लिंक किए जा चुके हैं।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने इस उपलब्धि पर एबीडीएम टीम की सराहना की। निदेशक एम्स ने इसे जन-जन के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। एम्स निदेशक प्रोफेसर मीनू सिंह ने बताया कि एम्स संस्थान में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत देशभर के लगभग दो दर्जन राज्यों के मरीजों को चिकित्सा लाभ दिया जा चुका है।

इंसेट
आभा के प्रमुख फायदे
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के नोडल अधिकारी डॉ. भरत भूषण भारद्वाज के मुताबिक—
• क्यूआर कोड स्कैन कर तुरंत ओपीडी पंजीकरण
• मोबाइल में सुरक्षित स्वास्थ्य रिकॉर्ड
• कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता समाप्त
• भविष्य में क्यूआर से बिल भुगतान की सुविधा प्रस्तावित

इंसेट
ऐसे करें आभा पंजीकरण
एम्स,ऋषिकेश में ओपीडी में स्वास्थ्य परीक्षण कराने वाले मरीज अस्पताल के सार्वजनिक प्रवेश द्वार गेट नंबर-3 व ओपीडी रजिस्ट्रेशन क्षेत्र में लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर मोबाइल पर टोकन नंबर प्राप्त करते हैं। टोकन दिखाकर काउंटर से आसानी से पर्चा बनवाया जा सकता है।
योजना के समन्वयक कमल जुयाल के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया में सेवावीरों का सहयोग मरीजों को त्वरित सुविधा प्रदान कर रहा है।

एम्स में आयुष्मान भारत योजना से लाभान्वित हो चुके 1.83 लाख मरीज
संस्थान को आयुष्मान भारत योजना में सर्वाधिक मरीजों के उपचार के लिए मिल चुका है उत्तराखंड राज्य में प्रथम पुरस्कार

एम्स में उपचार कराने के लिए आने वाले मरीज भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले रहे हैं। अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने के इच्छुक ऐसे मरीज जिनके पास पहले से आयुष्मान कार्ड नहीं बना होता, उनके कार्ड बनाने अथवा एक्टिवेट करने के लिए अलग से हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जिसमें संबंधित व्यक्तियों से जरूरी दस्तावेज लेकर उन्हें उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड एक्टिवेट कर उन्हें इस सुविधा को मुहैया कराया जाता है।
अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के नोडल ऑफिसर प्रोफेसर डॉ. मोहित ढींगरा ने बताया कि एम्स में अब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 1,83,121 मरीज अक्टूबर-2018 से 31 मार्च-2026 तक निशुल्क उपचार प्राप्त कर चुके हैं। यह आंकड़ा राज्य में स्थापित राजकीय स्वास्थ्य संस्थानों में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों अप्रैल 2025 से मार्च-2026 तक एम्स में 29,622 मरीज आयुष्मान योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो चुके हैं। जिनमें एम्स,ऋषिकेश द्वारा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश समेत देशभर के लगभग दो दर्जन राज्यों के मरीजों को इस योजना के अंतर्गत चिकित्सा लाभ दिया जा चुका है।
एम्स में अब तक हेल्प डेस्क के माध्यम से 6,487 मरीजों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं।

इसके अलावा अस्पताल में लागू गोल्डन कार्ड-एसजीएचएस के अंतर्गत अब तक 5,935 भर्ती मरीजों का उपचार हो चुका है। जबकि 70 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सुविधा के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित वय वंदना योजना के अंतर्गत अब तक 107 बुजुर्गों का उपचार हो चुका है।

Related posts

सड़क दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करेगा ’ट्रॉमा रथ’ – सप्ताहभर तक चलेगा एम्स का जन-जागरूकता अभियान।

khabaruttrakhand

Election 2024: कभी थी धमक…अब स्थिति ऐसी अल्मोड़ा सीट पर प्रत्याशी नहीं, आज हाशिये पर Uttarakhand क्रांति दल

cradmin

Uttarakhand के शिक्षा मंत्री ने 4,000 अतिथि शिक्षकों के लिए बढ़े हुए मानदेय का प्रस्ताव मांगा

cradmin

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights