राखी के पावन धागों से मजबूत हुआ भाईचारा-पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल में हर्षोल्लास से गूंजा रक्षाबंधन का संदेश।
पौखाल/टिहरी:- पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल में आपसी सौहार्द,भाईचारे,प्रेम और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रक्षाबंधन पर्व पारंपरिक उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। आवासीय विद्यालय के परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने रक्षाबंधन के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के साथ-साथ सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रभावशाली संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रातःकालीन विशेष प्रार्थना सभा के साथ हुआ। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रक्षाबंधन के सामाजिक एवं पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने भाषण,कविता पाठ तथा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते की महत्ता को रेखांकित किया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण-अनुकूल ईको-फ्रेंडली राखी निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार परिचय देते हुए विभिन्न प्राकृतिक एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों से आकर्षक राखियां तैयार की। विद्यार्थियों की इस पहल ने जहां भारतीय परंपरा और रचनात्मकता को जोड़ा वहीं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। विद्यालय के आवासीय वातावरण में रक्षाबंधन का उत्सव और भी आत्मीय बन गया। छात्राओं ने अपने सहपाठियों एवं विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों को तिलक लगाकर राखी बांधी तथा उनके सुखद,उज्ज्वल और सफल भविष्य की मंगलकामना की। इस दौरान विद्यार्थियों में भाई-बहन के रिश्ते के साथ-साथ आपसी प्रेम,सम्मान,सहयोग और अपनत्व की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य मोहित कुमार ने सभी छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नवोदय विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं,बल्कि एक विशाल परिवार की तरह है,जहां देशभर से आए विद्यार्थी मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व विद्यार्थियों को प्रेम,अनुशासन,सम्मान,सहयोग और एक-दूसरे की सहायता करने की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे त्योहारों को केवल उत्सव के रूप में न मनाकर उनके पीछे छिपे सामाजिक संदेश को भी अपने जीवन में उतारें। उन्होंने विशेष रूप से पर्यावरण-अनुकूल राखियों के निर्माण की सराहना करते हुए कहा कि परंपराओं के साथ पर्यावरण संरक्षण का समन्वय आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। रक्षाबंधन समारोह के समापन अवसर पर विद्यालय प्रशासन की ओर से सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मिठाई वितरित की गई।
पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में विद्यालय के समस्त शिक्षक,कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन ने यह संदेश दिया कि रक्षाबंधन केवल एक धागा बांधने का पर्व नहीं,बल्कि रिश्तों में विश्वास,समाज में सद्भाव और जीवन में सहयोग की भावना को मजबूत करने वाला भारतीय संस्कृति का जीवंत उत्सव है।
