khabaruttrakhand
BLOGGERदुनियाभर की खबरेविदेश ब्रेकिंगविशेष कवरस्टोरी

किस्से कैसे कैसे: 28 साल जेल में रहे व्यक्ति को अब मिला करोड़ो का मुआवजा। जाने मामले की जानकारी।#ViralStoryUSA.

किस्से कैसे कैसे:
28 साल जेल में रहे व्यक्ति को अब मिला करोड़ो का मुआवजा। जाने मामले की जानकारी।

आज़ादी का कोई मोल नही हो सकता ऐसे में बिना कोई गलती कर किसी की आजादी को छीन लिया जाए तो उसके साथ क्या बीतेगी उस दर्द का अहसास कोई नही समझ सकता है।
अमेरिका से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक निर्दोष व्यक्ति को जेल में रखना काफी महंगा साबित हुआ।

वही यह रिपोर्ट बतलाती है कि सरकार के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति को जेल में रखना कितना मुश्किल है।

रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक शख्स को हत्या के आरोप में 28 साल तक जेल में रखा गया, लेकिन बाद में पता चला कि उसने यह अपराध किया ही नही था।

वहीँ अब सरकार को पीड़िता को मुआवजे के तौर पर करीब 72 करोड़ रुपये देने होंगे।

वही उस सख्स को बिना कोई अपराध किए 28 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी।

जाने मामला:-

यह मामला 1991 में शुरू हुआ, जब एक अश्वेत व्यक्ति चेस्टर हॉलमैन को अमेरिकी पुलिस ने फिलाडेल्फिया में हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था।

वहीं इस मामले की जांच पूरे 28 साल यानी 2019 तक चली थी।

वही बाद में जब जांच पूरी हुई तो पता चला कि इस मामले का एक अहम गवाह ही झूठ बोल रहा था।

इसी अहम गवाह और झूठ बोलने वाले व्यक्ति की वजह से चेस्टर को लम्बे समय तक सलाखों के पीछे रहना पड़ा जबकि उसने कोई अपराध ही नहीं किया था।

वही इस मामले में रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने गलती नहीं मानी।

वहीं अब इस मामले में जेल से रिहा होने के बाद, चेस्टर ने सरकार के खिलाफ गलत सजा का मुकदमा दायर किया था।

अब उसी मामले के जवाब में, फिलाडेल्फिया सरकार ने बुधवार को उचित उपायों की घोषणा की और मुआवजे की घोषणा की।
इस घोषणा के मुताबिक इसमें उन्हें 71.6 करोड़ रुपये दिए गए थे।

हालाँकि, सबसे दिलचस्प बात इस मामले की यह रही कि इस मामले में लाखों रुपये का मुआवज़ा देने के बाद भी, प्रांतीय सरकार ने अपने किसी भी कर्मचारी की गलती या दोष को स्वीकार नहीं किया।

अब दोनों पक्षों के समझौते से इस मामला को खारिज कर दिया गया है।

वहीँ किसी की आज़ादी की कोई कीमत नहीं होती है।

इस मौके पर फिलाडेल्फिया के मेयर जिम केनी ने ऐलान किया कि किसी की आजादी को कोई नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए।

वहीं चेस्टर ने कहा कि 28 साल बाद आजादी पाने का अनुभव कड़वा और सुखद दोनों था।

वही इस घटना के पीड़ित व्यक्ति चेस्टर ने कहा कि वह अकेले नहीं हैं जिनके साथ ऐसा हुआ है, बल्कि कई लोग दशकों तक जेल में रहते हैं और सच्चाई को सामने लाने के लिए लड़ते रहते हैं।

Related posts

15 साल से फरार ईनामी मफरूर को टिहरी पुलिस ने किया गया गिरफ्तार।

khabaruttrakhand

एस०पी० उत्तरकाशी द्वारा ली गयी मासिक अपराध गोष्टी,सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन में बेहतर कार्य करने वाले 19 अधिकारी/कर्मगणों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित।

khabaruttrakhand

बर्फ की चादर ओढ़े यहाँ का दयारा बुग्याल (मखमली घास का मैदान) स्कीइंग व साहसिक पर्यटन के लिए सैलानियों का कर रहा इंतजार कर।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights