khabaruttrakhand
उत्तराखंड

Uttarakhand: अब आठ विभागों की 41 सेवाएं अधिकार सेवा के दायरे में आती हैं, जानें कितनी समय सीमा निर्धारित की गई

Uttarakhand: अब आठ विभागों की 41 सेवाएं अधिकार सेवा के दायरे में आती हैं, जानें कितनी समय सीमा निर्धारित की गई

Uttarakhand: सरकार ने सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत आठ विभागों की 41 और DBT से दी जाने वाली सेवाओं को अधिसूचित कर दिया है। अब इन सभी सेवाओं के लिए समयसीमा, जिम्मेदार अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी तय हो गए हैं। सभी सेवाओं की दूसरी अपील सेवा का अधिकार आयोग सुनेगा। अब विभिन्न विभागों की 896 सेवा का अधिकार आयोग के दायरे में आ चुकी हैं।

अपर सचिव Dr. Ashish Srivastava की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति सेवाओं के लिए अभिलेखों के भौतिक सत्यापन के बाद 110 दिन, पेंशन योजनाओं के लिए 45 दिन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति निवारण अधिनियम 1989, नागरिक अधिनियम 1955 का क्रियान्वयन को 15 दिन का समय तय किया गया है।

योजनाओं में बजट उपलब्धता की शर्त भी

इन सभी योजनाओं में बजट उपलब्धता की शर्त भी साथ में लगी है। इनके लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सेवा समय से न मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी के पास प्रथम अपील की जा सकेगी। अपील से संतुष्ट न होने पर सेवा का अधिकार आयोग द्वितीय अपील सुनेगा।

पशुपालन विभाग की भेड़ पालन, महिला बकरी पालन, गोपालन, बकरी पालन योजना का लाभ आवेदन स्वीकृत होने के 75 दिन में देना होगा। इसमें पशु क्रय उपलब्धता की समयावधि 30 दिन तय की गई है। इसके जिम्मेदार मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी होंगे तो प्रथम अपीलीय अधिकारी मंडलीय अपर निदेशक होंगे। दूसरी अपील आयोग सुनेगा।

डेयरी विकास विभाग की दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन, डेरी विकास योजना, महिला डेयरी विकास योजना का लाभ बजट उपलब्ध होने की सूरत में आवेदन स्वीकृत होने के 100 दिन में देना होगा। इसके लिए सहायक निदेशक जिम्मेदार होंगे। प्रथम अपील निदेशक, दूसरी अपील आयोग सुनेगा।

दूसरी अपील आयोग सुनेंगे

संस्कृति धर्मस्व, तीर्थाटन प्रबंधन एवं धार्मिक मेला विभाग की वृद्ध कलाकारों, लेखकों को मासिक पेंशन आवेदन मिलने के 60 दिन में, धार्मिक यात्राओं के लिए स्थायी निवासियों को आर्थिक सहायता के लिए 30 दिन, लेखकों को पुस्तक प्रकाशन के लिए वित्तीय सहायता आवेदन मिलने के बाद 45 दिन में देनी होगी। जिम्मेदारी निदेशक की होगी, प्रथम अपील महानिदेशक, दूसरी अपील आयोग सुनेंगे।

संस्कृत शिक्षा विभाग की मेधावी छात्रवृत्ति व संस्कृत पाठ्य पुस्तकों के मुद्रण एवं निशुल्क वितरण के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की गई है। इसके लिए जिले के सहायक निदेशक जिम्मेदार, उप निदेशक प्रथम अपील व आयोग दूसरी अपील सुनेगा। महिला सशक्तिकरण विभाग की स्पांसरशिप योजना का लाभ आवेदन प्राप्त होने के 60 दिन में, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का हर महीने की 15 तारीख तक देना होगा।

जिला प्रोबेशन अधिकारी जिम्मेदार और निदेशक प्रथम अपील सुनेंगे। एमएसएमई विभाग की सहायता योजना के लिए 90 दिन, शिल्पियों की पेंशन के लिए 30 दिन का समय तय हुआ है। जिम्मेदार GM जिला उद्योग केंद्र होंगे। प्रथम अपील मंडलीय उप निदेशक और दूसरी अपील आयोग सुनेगा। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के लिए 20 दिन का समय तय है। प्रथम अपील निदेशक और दूसरी अपील आयोग सुनेगा।

Related posts

घनसाली ब्रेकिंग:-आंगनबाड़ी कर्मियों के कार्य बहिष्कार के आवाहन पर धड़ो में बंटे आंगनबाड़ी कर्मचारी, ये बतायी आंदोलन में शामिल ना होने की वजह।

khabaruttrakhand

Lok Sabha Election 2024: धर्म हो या राजसत्ता…पंचपुरी के संतों की हमेशा रही महत्वपूर्ण भूमिका

cradmin

फैसला:-यहां मांगलिक और सार्वजनिक कार्य में परोसी शराब तो भरना होगा रुपये 51000 का जुर्माना।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights