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दुःखद खबर:- घनसाली क्षेत्र में युवा शिक्षक की मौत की खबर से पूरा क्षेत्र गमगीन।

दुःखद खबर:- घनसाली क्षेत्र में युवा शिक्षक की मौत से पूरा क्षेत्र गमगीन।

एक दुखद खबर घनसाली विधानसभा क्षेत्र से है जहां विगत 7 मार्च को एक बहुत ही दुखदाई घटना ने सबको झकझोर दिया।
जिसका शव 8 मार्च को बरामद कर लिया गया।

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यहाँ अजय भट्ट विद्या मंदिर इंटर कॉलेज (श्रीकोट) चमियाला में आचार्य के पद पर तैनात एक शिक्षक ने सुबह सुबह के समय भिलंगना नदी और बाल गंगा नदी के संगम पर नदी में छलांग लगा दी , ऐसी खबर लोगों के बीच जैसे ही फैली वह आग की तरह घनसाली और चमियाला बाजार में फैल गयी।
इस दुखद घटना से जिसको भी इस बारे में पता चला वह सकते में आ गया।

इसके बाद से लोगों में हड़कंप मच गया , वहीं कई स्थानीय लोग आनन फानन में उस जगह पर पहुंचे जहां पर यह घटना होने की बात कही जा रही थी।

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लोगों को इस घटना पर बिल्कुल भी यकीन नही हो रहा था और देर शाम तक काफी खोजबीन के बाद कोई भी पता नहीं चल पाया जिससे लोग यह भी मानने लगे थे कि भगवान करे कि जो अनहोनी की बात कही जा रही हो वह वास्तव में ना घटित हुई हो और कोई शुभ समाचार मिल जाये।

लेकिन होनी कप कौन टाल सकता है।
वही लापता युवा शिक्षक की खोजबीन के लिए मौके पर एसडीआरएफ वह स्थानीय पुलिस की जवान भी पहुंचे थे, जिनके द्वारा खोजबीन का कार्य किया गया लेकिन कुछ जानकरी युवा शिक्षक के बारे में देर शाम यानी कि 7 मार्च तक कुछ भी पता नहीं लग पाया था।
वही इस घटना की जानकरी जिसको भी मिल रही थी उसके मन मे बस केवल यही सवाल दौड़ रहा था कि क्यों और कैसे यह घटना घटी, यह कदम उठाया गया।

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वहीँ बड़े दुःख के साथ यह घटना बताई जा रही है कि हादसे में जो युवा शामिल था उनका नाम बाल गोविंद थपलियाल है जो की अखोडी क्षेत्र के पास चौरा गांव के रहने वाले थे और अजय भट्ट विद्या मंदिर में गणित विषय के पद पर तैनात था।

इसके साथ- साथ बताया गया है कि यह युवा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के खंड बौद्धिक प्रमुख भी था।

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वहीं घटना के दिन के बारे में मिल रही जानकारी के अनुसार बताया गया है कि वह अपनी स्कूटी से सुबह ही बाल गंगा महाविद्यालय की तरफ घूमने निकला था और उसके बाद वापस घर नही आया।

मिली जानकारी के अनुसार वहीं बालगंगा महाविद्यालय केमरा सेंदुल कॉलेज गेट के पास में स्कूटी को एक तरफ खड़ा करके वह गणेश प्रयाग संगम की तरफ निकल गया था।
वही यह जानकरी मीडिया रिपोर्ट से मिल रही है कि भिलंगना व बाल गंगा के संगम पर जब लोगों द्वारा कुछ खोजबीन की गई तो एक सुसाइड नोट और उसकी चप्पल वहां पर मिले।

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जिससे लोगों में किसी अनहोनी को लेकर और डर घर कर गया।
उसके बाद अन्य लोगों को इसकी जानकरी मिली और इसके बाद से ही वहां पर लोगों का जमघट लग गया।

वहीं स्थानीय पुलिस प्रशासन व एसडीआरआफ को इसकी सूचना दी गई ।
वही घटना स्थल पर पहुँचे स्थानीय लोगों द्वारा नदी में काफी देर तक खोजबीन का अभियान चलाया गया था।

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लेकिन देर शाम तक इस मामल में कोई भी सफलता हासिल नहीं हो पाई।

वही इस दुःखद घटना से जहाँ लोग एक तरफ महाशिवरात्रि को मनाने के लिए बेलेश्वर शिव मंदिर पहुंचे थे वही इस घटना से सबके चेहरे पर उदासी छा गयी।

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हर तरफ केवल सवाल ही सवाल थे लेकिन जवाब देने वाला कोई भी नही था।

लेकिन आज सुबह यानी 8 मार्च 2024 को सुबह 9:00 से 10:00 बजे के करीब बौंर गांव (पिलखी) के पास युवा व्यक्ति का शव दिखाई दिया जो पुलिस के द्वारा अपने कब्जे में ले लिया गया ।
जिसका पंचनामा भरकर पीएचसी पिलखी में पीएम करवाने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया था।

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वही अब इस घटना के बाद मृतक आचार्य बाल गोविंद थपलियाल कई सवाल अपने पीछे छोड़ गया है।

वहीँ इस घटना के बाद से मृतक परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरी घाटी में सन्नाटा फैल गया है।

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यह घटना किस वजह से हुई, क्या इसका कारण था इसको लेकर सभी के मन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

एक ऐसे युवा शिक्षक जो काफी मिलनसार भी था लोगों ने ऐसी उम्मीद कभी भी नही की थी।
मृतक युवा का गणित के अध्यापक के तौर पर क्षेत्र में काफी नाम था।
इसलिए इस घटना से हर कोई स्तब्ध है कि आखिर युवा ने ऐसे कदम क्यो उठाये।

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वहीँ जिस सुसाइड नोट की बात कही जा रही है उससे भी कुछ सामने निकल कर नही आया कि घटना का क्या कारण रहा होगा।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर करके रख दिया है।
आत्महत्या किसी भी समस्या का कभी कोई हल नही होता है ना कभी रहा है।

मानव जीवन का दूसरा नाम ही संघर्ष है ।

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चुनौतियों का सामना करके ही मानवजीवन को सुखद बनाया जा सकता है, लिहाजा किसी के द्वारा उठाये गए ऐसे किसी भी कदम का समाज हमेशा ही भर्त्सना करता आया है।

Turn your wounds into wisdom.” “The harder the struggle, the more glorious the triumph.” “Growth is in the discomfort.” “You are braver than you believe, stronger than you seem, and smarter than you think.

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