khabaruttrakhand
आकस्मिक समाचारआध्यात्मिकउत्तराखंडदिन की कहानीदुनियाभर की खबरेराष्ट्रीयविशेष कवरस्वास्थ्य

होली में हानिकारक रंगों से रहें सावधान – रंग व गुलाल खेलते वक्त बरतें सावधानियां – एम्स ऋषिकेश ने जारी की एडवाईजरी

– होली में हानिकारक रंगों से रहें सावधान
– रंग व गुलाल खेलते वक्त बरतें सावधानियां
– एम्स ऋषिकेश ने जारी की एडवाईजरी

एम्स ऋषिकेश

Advertisement

होली पर इन दिनों बाजार में केमिकल वाले रंगों की भरमार है। ऐसे रंग आपकी आंखों और त्वचा, दोनों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

इसके अलावा इनसे अस्थमा और एलर्जी की शिकायत भी हो सकती है।

Advertisement

एम्स ऋषिकेश ने होली पर स्वास्थ्य एडवाईजरी जारी कर सलाह दी है कि, होली खेलते समय अपने स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतें।

आंखों का रखें विशेष खयाल–
एम्स ऋषिकेश में नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष व चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि होली पर अपनी आंखों की देखभाल करना न भूलें।

Advertisement

होली के अगले दिन कई लोग आंखों में जलन, दर्द और रोशनी कम होने की शिकायत लेकर आते हैं।

डाॅ. मित्तल ने बताया कि आंखों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक व्यक्ति को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

Advertisement

ऐसे में कोशिश करें कि रंगों के छींटें आंखों में न जायं, इसके लिए धूप का चश्मा या सुरक्षात्मक गूगल का उपयोग करना चाहिए। आंखों में रंग का पाउडर गिरने से बचाने के लिए टोपी पहनी जा सकती है।

वहीं उन्होंने बताया कि होली खेलते समय हमेशा प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करना फायदेमंन्द रहता है।

Advertisement

ये रंग आंखों के लिए कम हानिकारक होते हैं।

उन्होंनें बताया कि यदि रंग आंखों में चला जाय तो आंखों को तुरंन्त साफ पानी से धोएं और उन्हें रगड़ने की गलती कतई न करें। बिना नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह के स्वयं अपने स्तर से दवा न लें।

Advertisement

केमिकल रंगों से खराब हो सकती है चेहरे की त्वचा–
त्वचा रोग विभाग के हेड डाॅ. नवीन कुमार कन्सल ने बताया कि रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से चेहरे पर जलन की समस्या हो जाती है।

यह केमिकल वाले रंग मुंह में जाने से अस्थमा व एलर्जी की शिकायत के साथ-साथ चेहरा खराब भी हो सकता है।

Advertisement

उन्होंने बताया कि नकली और केमिकल युक्त रंगों के उपयोग से चेहरे में जगह-जगह दाने निकलना, खुजली होना, त्वचा का लाल हो जाना व त्वचा में जलन पैदा होने की समस्या हो जाती है।

यदि एलर्जी ठीक हो भी जाय तो त्वचा में लंबे समय तक निशान बने रह जाते हैं।

Advertisement

इसलिए सावधानी बरतते हुए प्राकृतिक रंगों से ही होली खेलें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी क्रीम या दवा का उपयोग न करें।

त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. रीति भाटिया ने बताया कि आजकल बाजार में ज्यादातर जो रंग उपलब्ध हैं उनमें रसायनों, पारा, सिलिका, अभ्रक और सीसे का मिश्रण होता है।

Advertisement

इस प्रकार के रंगों से चेहरे के साथ खुले हुए अंगों को बचाने के लिए नारियल या सरसों का तेल लगाना लाभकारी होता है।

स्किन पर जब ये तेल अच्छी तरह लगाए जाते हैं तो इस पर रंग आसानी से नहीं चढ़ता है और हमारी त्वचा को सीधा नुकसान नहीं होता है।

Advertisement

Related posts

Auger Machine: विमान से आई थी, सड़क मार्ग से जा रही वापस…Silkyara सुरंग हादसे के दौरान Delhi से थी मंगवाई गई

khabaruttrakhand

Haridwar हत्या और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी पांच साल से फरार, STF ने गिरफ्तार किया; दो और संदिग्ध अभी भी गिरफ्त से बाहर

khabaruttrakhand

Dehradun: CM Dhami ने India-Pakistan युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत के 52 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में Gandhi Park में 1971 के युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि दी

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights