जनपद टिहरी गढ़वाल में मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरकता कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र-छात्राओं को दिया गया प्रशिक्षण”
जनपद टिहरी गढ़वाल में कृषि निदेशालय, उत्तराखण्ड, देहरादून के निर्देशों के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पी०एम०-राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरकता कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के 169 ग्रामों से 10,500 मृदा नमूने एकत्रित कर परीक्षण हेतु लक्ष्य निर्धारित किया गया। मृदा परीक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनपद के 15 पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज, 01 केन्द्रीय विद्यालय तथा 01 जवाहर नवोदय विद्यालय सहित कुल 17 विद्यालयों का चयन किया गया।
इन विद्यालयों के कुल 1006 छात्र-छात्राओं को कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के विषय विशेषज्ञों तथा अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा पी०पी०टी० माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई यथा खेतों से वैज्ञानिक विधि से मृदा नमूना संग्रहण की प्रक्रिया, मृदा परीक्षण की आवश्यकता एवं महत्व
परीक्षण उपरांत उर्वरक एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग की जानकारी आदि ।
विशेषज्ञों ने बताया कि मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित प्रयोग करने से फसल उत्पादन में वृद्धि होती है तथा किसानों की आय में सुधार के साथ-साथ खेतों की उर्वरता भी दीर्घकाल तक बनी रहती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित सभी विद्यालयों को कृषि विभाग द्वारा मृदा परीक्षण किट उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक विद्यालय द्वारा 50-50 मृदा नमूने एकत्रित कर विद्यालय स्तर पर ही परीक्षण किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं में मृदा परीक्षण के महत्व की व्यावहारिक समझ विकसित हो सके।
प्रतिभाग करने वाले विद्यालय में से 15 पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज दुवाधार, राइका गजा, पावकी देवी, भवान, पुजारगांव, मैंडखाल, कमांद, कण्डियालगांव, जाखणीधार, पोखाल, सेमण्डीधार, चमियाला, बालगंगा (केमर), डांगचौरा, पौड़ीखाल तथा केन्द्रीय विद्यालय सोरखण्ड व जवाहर नवोदय विद्यालय पोखाल शामिल हैं ।
कृषि विभाग द्वारा संचालित इस पहल से छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी तथा भविष्य में वे कृषकों को मृदा परीक्षण के प्रति प्रेरित कर सकेंगे।

