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औरोवेली आश्रम मैं चल रहे ध्यान योग चिंतन शिविर के प्रमुख स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज के द्वारा आश्रम में चलाया जा रहा ध्यान योग शिविर।देश विदेश के साधक हो रहे शामिल।

औरोवेली आश्रम मैं चल रहे ध्यान योग चिंतन शिविर के प्रमुख स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज के साथ आध्यात्मिक चर्चा मैं देश-विदेश से आऐ साधकों के साथ सम्मिलित होकर ध्यान योग के बारे में साधकों को बताया गया.।

इस अवसर पर डॉक्टर आर के मंमगाई: ने बताया कि जिस सरलता और सादगी से उनके आश्रम में गंगा बहती है, स्वामीजी भी दुनिया भर से आने वाले समस्तआगंतुकों व साधकों के साथ बैठते हैं और उन्हें आध्यात्मिकता की झलक के माध्यम से जीवन और दुनिया को समझने में मदद करते हैं।

उनकी शिक्षाएँ वास्तव में एक पेड़ के नीचे, बहुत ही अनौपचारिक शैली में दी जाती हैं और आगंतुकों के सवालों से प्रेरित होती हैं।

स्वामीजी प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों और प्रक्रियाओं के अनुसार हर किसी की परवाह करते हैं, स्वतंत्रता, सादगी और जीवन के बेहतर विकल्पों की सम्भावना के साथ एक स्वस्थ व सुन्दर समरस आध्यात्मिक व सामाजिक मूल्यों से भरी दुनिया का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
तुलसी मानस मंदिर के महंत रवि प्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि औरोवेली आश्रम मैं चल रहे ध्यान योग चिंतन शिविर के प्रमुख स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज श्री के द्वारा आश्रम में चलाई जा रही ध्यान योग शिविर के माध्यम से आज पूरे विश्व में मानव मात्र के कल्याण के लिए ध्यान योग मौन के द्वारा मानव मात्र का कल्याण किया जा सकता है।

मानव मात्र अगर अपनी दिनचर्या में योग ध्यान और मौन साधना कर ली निश्चित ही उसका जीवन क्षण भर में बदल जाएगा ।

आज की भौतिकता में हम लोग भाग दूरी की जिंदगी में अपना शरीर को व्यर्थ की कार्यों में लगा रखा है ध्यान योग मौन के द्वारा हम अपने जीवन को बदल सकते हैं

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