khabaruttrakhand
अल्मोड़ाआकस्मिक समाचारआध्यात्मिकउत्तरकाशीउत्तराखंडखेलचमोलीचम्पावतटिहरी गढ़वालदिन की कहानीदेहरादूननैनीतालपिथोरागढ़पौड़ी गढ़वालीप्रभावशाली व्यतिबागेश्वरमनी (money)यू एस नगरराजनीतिकराष्ट्रीयरुद्रप्रयागविशेष कवरस्टोरीस्वास्थ्यहरिद्वार

ब्रेकिंग:- (मनरेगा) योजना के तहत 41% जॉब कार्ड धारक अभी भी आधार आधारित मजदूरी भुगतान के नही है तैयार, अब सरकार ने बढ़ाई इसकी समय सीमा। जाने नई समय सीमा।

(मनरेगा) योजना के तहत 41% जॉब कार्ड धारक अभी भी आधार आधारित मजदूरी भुगतान के नही है तैयार,

अब सरकार ने बढ़ाई इसकी समय सीमा। जाने नई समय सीमा।

Advertisement

नई दिल्ली:- मनरेगा यानी कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम योजना के मीडिया रिपोर्ट से मिल रही जानकारी के अनुसार अभी भी लगभग 41% जॉब कार्ड धारक, आधार-आधारित मजदूरी भुगतान यानी कि एबीपीएस के लिए तैयार नही है ऐसे में केंद्र सरकार ने अब इसकी समय सीमा बढ़ा दी है।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि केंद्र सरकार ने इस तरह के भुगतान सभी के लिए अनिवार्य करने की समय सीमा को साल 2023 के अंत यानी ली 32 दिसंबर तक बढ़ा दी है।

Advertisement

वही यह समय सीमा विस्तार अब तक की समय सीमा का पांचवां विस्तार है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय ने आधार-आधारित भुगतान प्रणाली (एबीपीएस) की प्रगति की समीक्षा 30 अगस्त तक करने के बाद बयान जारी कर कहा है कि कुल 14.33 करोड़ सक्रिय श्रमिक है जिनमे से 13.34 करोड़ के लिए आधार को जोड़ा और प्रमाणित किया गया है।

Advertisement

अभी तक केवल एक करोड़ से अधिक यानी 18.11 % को छोड़ दिया गया है।

इसका मतलब साफ है कि 81.89% सक्रिय लोग है – जिन्होंने पिछले तीन वित्तीय वर्षों में कम से कम मनरेगा में एक दिन काम किया है।
वे सभी अब एबीपीएस के लिए पात्र हैं।

Advertisement

इस मामले में बताया जा रहा है कि जुलाई 2023 में लगभग 88.51% वेतन भुगतान एबीपीएस के माध्यम से किया गया था ऐसा आंकड़ा बताया गया है।

हालाँकि स्थिति को देखते हुए बताया गया है कि विस्तार आवश्यक था क्योंकि इस योजना के तहत कुल 26 करोड़ जॉब कार्ड धारक है जिनमे से अभी भी 41.1% इस मोड के लिए पात्र नहीं हो पाए हैं।

Advertisement

वही इस योजना को भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का हथियार बताया जा रहा है।
वही बताया जा रहा है कि एबीपीएस किसी भी कर्मचारी के 12-अंकीय आधार नंबर को उनके वित्तीय पते के रूप में उपयोग में लाता है।

एबीपीएस के लिए, एक श्रमिक का आधार कार्ड की जानकारी उसके उसके जॉब कार्ड और उसके बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए।

Advertisement

ऐसे में किसी श्रमिक का आधार नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) डेटाबेस के साथ मैप किया जाना चाहिए।

यही जानकारी अंत में, बैंक की संस्थागत पहचान संख्या (आईआईएन) को एनपीसीआई डेटाबेस के साथ मैप किया जाना आवश्यक होता है।

Advertisement

वही रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने एक बार फिर यह तर्क देकर कहा है कि लाभार्थी बैंक खातों में किसी भी बदलाव के कारण वेतन भुगतान लेनदेन को अस्वीकार करने से बचने के लिए एबीपीएस सबसे अच्छा एक माध्यम है।

वही इस मामले में यह भी कहा जा रहा है कि यह “फर्जी लाभार्थियों को हटाकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का एक सबसे बेहतरीन साधन है।

Advertisement

वही इस मामले में मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि किसी भी श्रमिक को आधार नंबर न होने के आधार पर काम से वंचित नहीं किया जाएगा.

वही यदि कोई भी लाभार्थी काम की मांग नहीं करता है या कर पाता है, तो ऐसे हालातो में एबीपीएस के लिए पात्रता के बारे में उसकी स्थिति काम की मांग को प्रभावित नहीं करती है यह ध्यान देने योग्य जरूरी बात है।

Advertisement

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साझा किए गए बयान में बताया जा रहा है कि किसी भी जॉब कार्ड को इस आधार पर नहीं हटाया जा सकेगा कि वह कार्यकर्ता एबीपीएस के लिए पात्र नहीं है।

Advertisement

Related posts

बिग ब्रेकिंग:-नशे के तस्करों पर सर्जिकल स्ट्राइक , करोड़ों रुपये की 1 किलो से अधिक स्मैक के साथ बरेली के 03 तस्करों को पुलिस किया ने गिरफ्तार।

khabaruttrakhand

ब्रेकिंग:-देहरादुन में दिल दहला देने वाली घटना से सनसनी।

khabaruttrakhand

ब्रेकिंग:-रंवाई घाटी के सुप्रसिद्ध पौराणिक अठोड़ मेले में पहुंचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जाख सोमेश्वर सहित अन्य देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की मांगी मन्नत।

khabaruttrakhand

Leave a Comment

Verified by MonsterInsights