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Lok Sabha Election 2024: BJP के लिए आसान नहीं Haridwar का चुनावी समर, चुनाव प्रबंधन की कड़ी परीक्षा

Lok Sabha Election 2024: BJP के लिए आसान नहीं Haridwar का चुनावी समर, चुनाव प्रबंधन की कड़ी परीक्षा

Lok Sabha Election 2024:BJP प्रदेश में बेशक पांचों लोकसभा सीटों पर अपनी जीत का दावा कर रही है, लेकिन Haridwar का चुनावी समर उसके लिए उतना आसान नहीं माना जा रहा। इस संसदीय सीट के चुनावी समीकरण उतने सरल नहीं है, जितने BJP मानकर चल रही है। सियासी जानकारों का मानना है कि जातीय समीकरणों के लिहाज से इस सीट पर BJP का चुनाव प्रबंधन कठिन चुनौतियों से होकर गुजरेगा।

इन्हीं चुनौतियों के कारण पार्टी को इस सीट पर जिताऊ प्रत्याशी की तलाश के लिए तगड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। इस सीट पर पार्टी के चुनाव व बूथ प्रबंधन की भी परीक्षा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में हारी 23 विधानसभा सीटों में सात अकेले Haridwar जिले से हैं। इनमें भगवानपुर, झबरेड़ा, ज्वालापुर, Haridwar ग्रामीण व पिरान कलियर सीट Congress के पास है, मंगलौर और लक्सर में BSP और खानपुर निर्दलीय ने जीती थी।

प्रत्याशी चयन को लेकर काफी सोच-विचार

Haridwar जिले में BJP 11 में से सिर्फ तीन सीटों पर है। जबकि 2017 के चुनाव में BJP ने 11 में से आठ सीटें जीतीं थी। यानी 2019 के चुनाव में BJP Haridwar जिले में राजनीतिक तौर पर अधिक मजबूत थी। लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के लिहाज से जिले में राजनीतिक रूप से वह उतनी सशक्त नहीं है। यही वजह है कि केंद्रीय नेतृत्व को इस सीट पर प्रत्याशी चयन को लेकर काफी सोच-विचार करना पड़ रहा है।

जानकारों के मुताबिक, Haridwar लोस से लगातार दो बार सांसद रहे डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के अलावा पार्टी दूसरे दावेदारों के नामों पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व कैबिनेट मंत्री व विधायक मदन कौशिक, पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद के अलावा दो बड़े संत भी दावेदार बताए जा रहे हैं। लेकिन पार्टी को संसदीय सीट पर जातीय समीकरणों के हिसाब से जिताऊ चेहरे की तलाश है।

हार के बाद चुनाव प्रबंधन में जुटी पार्टी

2022 के विधानसभा चुनाव में 11 में से पांच सीटें गंवाने के बाद प्रदेश संगठन Haridwar जिले में चुनाव प्रबंधन में जुट गया था। पार्टी ने हारी हुई 23 विधानसभा सीटों पर बूथ प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट इन हारी सीटों में जाकर लाभार्थी सम्मेलन के जरिये पार्टी के पक्ष में वातावरण बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन लोकसभा चुनाव में ही पार्टी के चुनाव और बूथ प्रबंधन की असल परीक्षा होगी। मिसाल के तौर पर BJP भगवानपुर, मंगलौर, खानपुर, ज्वालापुर और हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र में 537 बूथों में पीछे रही। पार्टी ने इन बूथों को मजबूत करने के लिए खास योजना बनाई। इनमें अपने विधायकों और सांसदों और सरकार के मंत्रियों को भेजा।

10 मार्च तक उम्मीदवार घोषित होने की संभावना

पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, BJP Haridwar और गढ़वाल लोस सीट पर 10 मार्च तक उम्मीदवार घोषित कर सकती है। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश नेतृत्व से फीड बैक लिया है। साथ ही एक एजेंसी भी दावेदारों का दमखम टटोल रही है।

विस                                    हारे               जीते

भगवानपुर                         143                10

मंगलौर                                94                38

खानपुर                              126                51

ज्वालापुर                             98                50

हरिद्वार ग्रामीण                  76                 87

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