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ग्रामीणों की मांग, उम्मीदवार को उनका वोट चाहिए तो उन्हें वाहन पर बैठकर गांव आना होगा, अन्यथा वोट के लिए ना करें हमें शर्मिंदा ।

*सिलोड़ा गाँव के ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी प्रताप नगर को लौटाया बेरंग।

ग्रामीण बोले रोड नहीं तो वोट नहीं।

उम्मीदवार को उनका वोट चाहिए तो उन्हें वाहन पर बैठकर गांव आना होगा, अन्यथा वोट के लिए हमें शर्मिंदा न करें ।

टिहरी जिले के प्रताप नगर विकास खंड के अंतिम गांव सिलोडॉ के ग्रामीणों ने 2022 के विधानसभा के चुनाव में सड़क नहीं तो वोट नहीं का नारा दिया था लेकिन प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आश्वासन पर गांव के लोग मान गए थे लेकिन ठीक 2 साल का समय बीत जाने के बाद भी जब अभी तक एक कदम भी सड़क का कार्य आगे नहीं बढ़ा।
अब ऐसे में गांव के लोगों ने अपना गांधीवादी हथियार अपनाया और कहा सड़क नहीं तो वोट नहीं।
जिसके चलते जिलाधिकारी टिहरी के निर्देश पर उप जिलाधिकारी प्रताप नगर IAS आशिमा गोयल अपनी पूरी टीम के साथ सिलोडा गांव पहुंची लेकिन काफी मान मनोबल के बाद भी गांव वाले नहीं माने ग्रामीण गांव में सड़क न होने के कारण भारी आक्रोशित हैं।

लोकसभा चुनाव के लिए राजनीतिक दलों के प्रचार के बीच ग्रामीणों ने ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा दिया है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि किसी भी दल के उम्मीदवार को उनका वोट चाहिए तो उन्हें वाहन पर बैठकर गांव
आना होगा, अन्यथा वोट के लिए हमें
शमिंर्दा न करें।

खंबाखल शिलोडा मोटर मार्ग वर्ष 2006 में 6 किलोमीटर 50 लाख की लागत से स्वीकृत हुआ था लेकिन विभाग द्वारा मात्र 2 किलोमीटर पर ही इतिश्री कर दी गई वर्ष 2013 में 1 किलोमीटर और मार्ग को आगे बढ़ाया गया और तब से लेकर अभी तक ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है।
ग्रामीणों द्वारा प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग बोराडी के कई बार चक्कर काटने के बाद विभाग द्वारा ग्रामीणों को गुमराह कर बार-बार आश्वासन देकर ग्रामीणों को मान लेता है।
जबकि उक्त मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीण जनता एक लंबे समय से संघर्षरत है।
वहीं दूसरी तरफ चाका सिलोडा मोटर मार्ग 5 किलोमीटर वन भूमि हस्तातरण होने के बाद भी आज तक आगे नहीं बढ़ पाया है ऐसे में अब ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का मन बनाया है।

ग्राम सभा की प्रधान श्रीमती प्रमिला देवी ने कहा कि सरकार और विभाग ने जनता को हमेशा गुमराह किया है और करोड़ों रुपए ठिकाने लगाने के बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंची है गांव में सुख दुख की घटना के साथ-साथ परसव पीड़ा से ग्रस्त महिलाएं और आकस्मिक दुर्घटना में लोगों को 5 किलोमीटर खड़ी चढ़ाई में डंडी कंडी का सहारा लेकर मुख्य मार्ग तक पहुंचाना पड़ता है, लेकिन सरकार की कान में जू तक नहीं रेंग रहा है इसलिए ग्रामीणों ने सड़क नहीं तो वोट नहीं कहा फैसला किया है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य राकेश राणा ने कहा कि जिन प्रतिनिधियों को हम चुनकर भेजते हैं एक तरफ उनकी सांसद निधि खर्च नहीं हो पाती वहीं दूसरी तरफ ग्रामीण सड़क के बिना परेशान है तो फिर वोट देने का क्या औचित्य रह जाता है।

इसलिए ग्रामीणों ने रोड नहीं तो वोट नहीं का फैसला किया और भविष्य के लिए भी यह तय किया है कि जब तक गांव में सड़क नहीं पहुंचेगी तब तक लोकसभा, विधानसभा चुनाव का बहिष्कार जारी रहेगा।
उपरोक्त बैठक में ग्राम सभा की प्रधान श्रीमती प्रमिला देवी बलवीर सिंह राणा राय सिंह कल्याण सिंह प्रेम सिंह शूरवीर सिंह बद्री सिंह जोत सिंह उत्तम सिंह दिनेश सिंह कृष्ण सिंह पूरन सिंह रतन सिंह चैन सिंह पूर्व प्रधान उम्मेद सिंह शंभू सिंह धर्म सिंह चंदन सिंह सहित गांव की सभी महिलाएं बुजुर्ग उपस्थित थे।

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