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स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत एम्स ऋषिकेश द्वारा विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक।

स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के तहत एम्स ऋषिकेश द्वारा विभिन्न स्थानों पर शिविर लगाकर महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।

पखवाड़े भर तक चले इन कार्यक्रमों में स्थानीय प्रतिनिधियों और स्वयं सेवकों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभायी।

संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह की देख-रेख में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से आयोजित यह अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और राष्ट्रीय समृद्धि के बीच महत्वपूर्ण संबंध को रेखांकित करता है। इस अभियान की प्रमुख विशेषताओं में समग्र मातृ स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने वाले दैनिक एकीकृत ए.एन.सी शिविर, जन समुदाय और कर्मचारियों को शामिल करते हुए बड़े पैमाने पर रक्तदान कार्यक्रम, मानसिक स्वास्थ्य और प्रसवोत्तर अवसाद पर केंद्रित नुक्कड़ नाटक, जागरूकता कार्यक्रम और दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं की स्वास्थ्य जाँच के लिए टेलीमेडिसिन सेवाओं का उपयोग शामिल रहा।

उल्लेखनीय है कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्म दिन के अवसर पर 17 सितम्बर को हुई थी जिसका समापन 2 अक्टूबर तक जारी रहा। एम्स परिसर में कार्यक्रम का उद्घाटन डीन एकेडमिक प्रो. जया चतुर्वेदी ने किया। उन्होंने इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान के माध्यम से नीति-निर्माण सहित महिलाओं और उनके परिवारों के समग्र स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार लाने तक के प्रभावी कदम उठाए गए हैं। प्रो. जया ने कहा कि यह अभियान सामाजिक परिवर्तन का एक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहाँ हर स्तर पर महिलाओं की सुरक्षा, उनके प्रति सहानुभूति और समर्थन आवश्यक हैं। पखवाड़े भर तक आयोजित इस अभियान में ऋषिकेश के अलावा रायवाला और भोगपुर रानीपोखरी आदि क्षेत्रों में 25 से अधिक स्क्रीनिंग और विशेष शिविरों आयोजन किया गया जबकि 11 हजार से अधिक महिलाओं ने स्वास्थ्य क्षेत्र की विभिन्न सेवाओं जैसे प्रसवपूर्व देखभाल (एएनसी), उच्च रक्तचाप और मधुमेह की जाँच, एनीमिया परीक्षण, कैंसर का पता लगाना, तपेदिक की जाँच और रक्तदान आदि का लाभ उठाया। विभिन्न स्थानों पर संचालित इस अभियान के दौरान संस्थान के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, फेकल्टी सदस्य, नर्सिंग अधिकारी और मेडिकल के छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

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